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गाजीपुर महिला हास्पिटल फिर एक बार सुर्खियों में!...डॉक्टर साहब की मेहरबानी से चलते हैं बाहरी मेडिकल स्टोर

गाजीपुर महिला हास्पिटल फिर एक बार सुर्खियों में!...डॉक्टर साहब की मेहरबानी से चलते हैं बाहरी मेडिकल स्टोर


⭕सभी मेडिकल स्टोर पर इन्होंने कर रखा है तय अपना कमीशन,पर्ची लिखकर देने पर साहब का मिल जाता है कमीशन


⭕यही नहीं अल्ट्रासाउंड सेंटर और पैथोलॉजी सेंन्टरो पर भी है इनका बोलबाला वहां पर भी चलता है कमीशन का खेल।


अजय कुमार सीनियर रिपोर्टर


गाजीपुर:- खबर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर महिला हास्पिटल गाजीपुर में आये दिन मरीजों से खिलवाड़ किया जाता है। आप को बीते दिन एक महिला कि आपरेशन के दौरान मौत हो गई थी। जिसके परिवार वालों ने डाक्टर समेत स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया था। जिसको लेकर खूब चर्चाओ में महिला हास्पिटल बना रहा । ताजा मामला:- गाजीपुर के मनिहारी ब्लॉक से है जहां गर्भवती महिला का आपरेशन से एक बच्चे को जन्म दिया। लेकिन जब टांके काटने के बाद महिला को यह आश्वासवत कर दिया गया कि आपके पूरे तरह से टांका काट दिया है। लेकिन आपरेशन के 5 दिन पता चलता है। टांके अभी पूरी तरह से नहीं कटे हैं।और घाव भी भरने के आखिरी पोजिशन में है। और टांके के तांगे शरीर लगा हुआ है।

ऐसे में बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है स्वास्थ्य विभाग के ऊपर की स्वास्थ्य विभाग तरह-तरह के दावे करने के बाद भी अपनी आदतों से बाज नहीं आ रहा है और आए दिन मरीजों के जान से खिलवाड़ करने का मामला प्रकाश में आया रहता है फिलहाल इस मामले में महिला अस्पताल के प्रभारी के एन चौधरी से बात करने पर उन्होंने बताया कि अगर इस तरह का कोई मामला है तो मैं उसको देखा लेता हूं लेकिन फिर जब डॉक्टर साहब से उनका पक्ष जानने के लिए उनसे कहा गया तो उनके द्वारा यह यह कहकर फोन काट दिया गया कि आपको जो लिखना है वह लिखिए।सुत्रो के अनुसार। की माने तो महिला हॉस्पिटल गाज़ीपुर में अंदर से ज्यादा बाहर की दवाइयां को लिख कर विभागीय डॉक्टर अपना कमीशन सेट करने में व्यस्त हैं। वही जब दवाओ के बारे में मरीज के द्वारा यह पूछा जाता है कि यह दवा महिला जिला अस्पताल में उपलब्ध है कि नहीं तो डॉक्टर साहब के द्वारा यह कहा जाता है आप बाहर से दवा लेकर आएंगे तब आपकी मरीज का इलाज संभव है वही ऑपरेशन करने योग्य महिलाओं से अस्पताल के स्टफो के द्वारा पैसे लेने का भी मामला प्रकाश में आया है। महिला के ऑपरेशन के अगर टांके भी काटते हैं तो उसमें भी अस्पताल के स्टपो को कमीशन देना होता है। लेकिन अस्पताल के दीवालो पर यह साफ शब्दों में लिखा गया है कि। किसी को पैसा देना और लेना कानून अपराध है लेकिन इसके बावजूद भी अस्पताल के स्टाफ ने इस सारे कायदे कानून को अपनी ताकत पर रख कर के मरीजों से आए दिन वसूली करें करते हैं। और लाचार बेबस मरिज अपनी तबीयत को सुदृढ़ करने के लिए स्टेफन को पैसे देने पर मजबूर हो जाता है अगर यह भी लोग बताते हैं कि पैसे न देने पर आपके साथ भेदभाव भी किया जाता है। फिलहाल इस मामले में महिला के पति ने सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

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