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गाजीपुर के 400 सीएससी पर हुआ सीधा प्रसारण!...सीएससी सेवाओं की डिलिवरी से रोज़ग़ार के अवसरों में होगी

गाजीपुर के 400 सीएससी पर हुआ सीधा प्रसारण!...सीएससी सेवाओं की डिलिवरी से रोज़ग़ार के अवसरों में होगी वृद्धि


किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


ग़ाज़ीपुर। खबर गाजीपुर जिले से है जहां पर अमित शाह केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह 21 जुलाई, 2023 को विज्ञान भवन में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (पैक्स) द्वारा जन सेवा केंद्र (सीएससी) की सेवाएं शुरू करने पर एक राष्ट्रीय महासंगोष्ठी का उद्घाटन किया. इस अवसर पर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव भी उपस्थित थे. सहकारिता मंत्रालय के विभाग राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (नेशनल को-ऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) ने सीएससी के सहयोग से इस महासंगोष्ठी का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में पैक्स द्वारा सीएससी की सेवाएं प्रदान किए जाने से सम्बंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई. उल्लेखनीय है कि पैक्स ग्राम स्तर की सहकारी ऋण समितियां हैं जो राज्य सहकारी बैंकों की अध्यक्षता वाली त्रि-स्तरीय सहकारी ऋण संरचना में अंतिम कड़ी के रूप में काम करती हैं. पैक्स, विभिन्न कृषि और कृषि गतिविधियों के लिए किसानों को अल्पकालिक एवं मध्यम अवधि के कृषि ऋण प्रदान करते हैं. पैक्स सहकारिता की रीढ़ हैं और इनके जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में सीएससी सेवाओं की डिलिवरी से रोज़ग़ार के अवसरों में वृद्धि होगी. अपने संबोधन में अमित शाह ने सीएससी को बधाई देते हुए कहा कि मात्र 2 माह के भीतर 17,176 पैक्स सीएससी बन चुके हैं जिसमें 6000 से अधिक ने ट्रांजेक्शन करना भी शुरू कर दिया है. अब हर पैक्स को 1-2 युवा को भी अपने केंद्र पर नौकरी देनी होगी जिसका मतलब है कि रोजगार और गांव की अर्थव्यवस्था दोनों को ही इस साझेदारी से लाभ मिलेगा. प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने भ्रष्टाचार खत्म करने और आमजन को मजबूत करने का जो बीड़ा उठाया था, उसको सीएससी और सहकारिता मंत्रालय मिलकर निभा रहे हैं. उन्होंने कहा , “पिछले 9 वर्षों में भारत में इंटरनेट इस्तेमाल करने वाले लोगों में ढाई सौ प्रतिशत की वृद्धि हुई है. मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस का सीएससी से बड़ा उदाहरण कुछ और नहीं हो सकता. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अलग सहकारिता मंत्रालय का गठन करने का निर्णय एक अलग दृष्टिकोण से लिया. सहकारिता आंदोलन को रिवाइव करना, इसे आधुनिक बनाना, इसमें पारदर्शिता लाना और नई ऊंचाइयां छूने का लक्ष्य तय करना बहुत आवश्यक था. कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में सहकारिता ही एकमात्र ऐसा आंदोलन है जिसके माध्यम से हर व्यक्ति को समृद्ध बनाया जा सकता है. सहकारिता आंदोलन बिना पूंजी वाले ऐसे लोगों को समृद्ध बनाने का बहुत बड़ा साधन बन सकता है.” श्री अमित शाह ने कहा कि पैक्स की मजबूती के साथ किसान मजबूत होता है. इन्हें मज़बूत करने का मतलब देश की अर्थव्यवस्था को मज़बूत करना है. जब कोऑपरेटिव्स के माध्यम से कृषि, पशुपालन और मत्स्यपालन को मज़बूत करते हैं तो जीडीपी के साथ-साथ रोज़ग़ार के अवसर भी बढ़ेंगे. अमित शाह ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र में मोदी सरकार ने कई काम किए हैं. अब PACS पेट्रोल पंप चला पाएंगे, गैस की एजेंसी भी चला सकेंगे, CSC भी बन पाएंगे, सस्ती दवाई की दुकान भी चला सकेंगे, सस्ते अनाज की दुकान भी चला सकेंगे. आने वाले दिनों में ग्रामीण विकास और कृषि विकास का एक नया युग शुरू होगा. पैक्स देश के सहकारी आंदोलन की मूल इकाई है, इसलिए पैक्स की व्यवहार्यता में सुधार के प्रयास किए जा रहे हैं. पैक्स के लिए मॉडल उपनियम, मंत्रालय द्वारा सभी स्टेकहोल्डर से सलाह के बाद तैयार किए गए हैं. ये नियम पैक्स को डेयरी, मत्स्य पालन, गोदाम, कस्टम हायरिंग केंद्र, उचित मूल्य की दुकानों, एलपीजी/डीजल/पेट्रोल डिस्ट्रीब्यूटरशिप, आदि सहित 25 से अधिक आर्थिक गतिविधियों को शुरू करके अपने व्यवसायों में विविधता लाने में सक्षम बनाएंगे. इसके अलावा, संबंधित मंत्रालयों के परामर्श से, पैक्स को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के रूप में कार्य करने, एफपीओ बनाने, एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप के लिए आवेदन करने, खुदरा पेट्रोल/डीजल पंप आउटलेट खोलने, जन औषधि केंद्र खोलने, उर्वरक वितरण केंद्रों के रूप में काम करने आदि के लिए भी सक्षम बनाया गया है. पैक्स के जरिए सीएससी सेवाओं की डिलिवरी इनको मजबूत करने की दिशा में नया कदम है. अब, PACS देश में कॉमन सर्विस सेंटर की तरह सुविधाएं भी दे सकेंगे. इसका लाभ देश के करोड़ों लोगों को मिलेगा. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सीएससी के कामकाज की भूरि-भूरि प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि साल 2014 के बाद से गवर्नेंस और सरकार के काम करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव आया है. माननीय मंत्री ने कहा, “समाज के गरीब और वंचित वर्ग को सरकार की सुविधाओं को बिचौलियों के बिना पहुंचाया जा रहा है. 40 करोड़ लोगों के जन-धन अकाउंट खोले गए. यह संख्या पूरे यूरोप की आबादी के बराबर है. मोबाइल, आधार और जन-धन ने मिलकर समावेशी विकास का नया मॉडल स्थापित किया है. इसकी मदद से 30 लाख करोड़ रु. तक के सरकारी लाभ लोगों तक पहुंचे हैं. आज इसी विकास मॉडल में एक और आयाम स्थापित किया है-पैक्स अब देंगे सीएससी सेवाएं.” अतिथियों का स्वागत करते हुए सीएससी एसपीवी के प्रबंध निदेशक संजय राकेश ने कहा, “सीएससी की वजह से सरकार की सुविधाएं हासिल करने के लिए शहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती. 5 लाख से अधिक ऐसे केंद्र देश के दूरदराज इलाकों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. पैक्स और सीएससी की यह साझेदारी किसानों और नागरिकों को समृद्ध करेंगे, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और माननीय प्रधानमंत्री के सहकार से समृद्धि के विज़न को साकार करेगी.” गाजीपुर जिले के जिलाप्रबंधक शिवा नंद उपाध्याय ने बताया कि आज के आज के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जिले के 400 कॉमन सर्विस केंद्रों से किया गया जिसमे सीधे 50000 नागरिकों को दिखाया गया एवम आज के करार का लाभ उनको बताया गया।

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