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आए दिन शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में!...प्राथमिक विद्यालय खेताबपुर की नवनिर्माण भवन चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट

आए दिन शिक्षा विभाग सवालों के घेरे में!...प्राथमिक विद्यालय खेताबपुर की नवनिर्माण भवन चढ़ी भ्रष्टाचार की भेंट


अजय कुमार सीनियर रिपोर्टर


⭕7:30 की जगह 9:30 बजे पहुंचते हैं विद्यालय अध्यापक अधिकारियों का नहीं है कोई डर


⭕विद्यालय में कभी नहीं होती है प्रार्थना तो आखिरकार कैसे चालू हो जाता है पठन-पाठन का कार्य


गाजीपुर:- खबर गाज़ीपुर ज़िले से है जहां पर जखनियां ब्लॉक के ग्राम सभा खेताबपुर में प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में बना रहे प्राथमिक विद्यालय के नए भवन भ्रष्टाचार की भेट चढ़ गया आपको बता दें कि प्रधानाध्यापक के द्वारा बताया गया कि लगभग 13 लाख का यह प्रोजेक्ट है जिसमें बच्चों के लिए पठन-पाठन करने के लिए भवन का निर्माण कराया जा रहा है लेकिन। वही भवन के नवनिर्मित कर में छठ का बारजा अभी से ही लटक गया है जो कि बच्चों को भविष्य के लिए बड़ा खतरा का द्वार खोल दिए। आपको बता दें कि भवन का निर्माण दोयम दर्जे के एट और सफेद बालू समेत घटिया सीमेंट से कराया जा रहा है आपको बता दूं कि कहीं ना कहीं विभागीय मानको को ताख पर रखकर भवन का निर्माण कराया जा रहा है हालांकि सूत्रों की माने तो जानकारी यहां तक मिली थी भवन निर्माण से पहले ही बिचौलिए अपना अपना कमीशन लेकर अपने जगह पर सेट हो गए लेकिन जब भवन निर्माण की बात आई तो घटिया सामग्री और दोयम दर्जे की ईट से भवन का निर्माण कराया जा रहा है। इस मामले में जब खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्र चौधरी से बातचीत करने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन उठाने से इनकार ही कर दिया बार-बार फोन करने के बावजूद भी उनका फोन एक बार भी नहीं उठा ऐसे में बड़ा सवालिया निशान खड़ा होता है शिक्षा विभाग के ऊपर की बच्चों के भविष्य को खतरे में डालकर आखिरकार क्या मिलता है इन अधिकारियों को।

एक नज़र इधर।  प्राथमिक विद्यालय खेताबपुर में चार अध्यापकों की तैनाती है लेकिन अध्यापकों को लेकर तरह-तरह के सवालिया निशान खड़ा हो रहे हैं आपको बता दें कि बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय गाजीपुर से सूचना जारी की गई थी आपको अपने विद्यालय पर 7.30.पर पहुंच कर बच्चों की पठन-पाठन कार्य को सुचारू रूप से चालू कर देना है लेकिन वहीं दूसरी तरफ प्राथमिक विद्यालय खेताबपुर के अध्यापकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है आपको बता दें कि 7:30 बजे की जगह अध्यापक 8:30 और 9:30 बजे विद्यालय पहुंचते हैं जिसको लेकर ग्रामीणों ने अध्यापकों के खिलाफ काफी नाराज दिखे। वही एक अभिभावक में अपने बच्चों का नामांकन करने प्राथमिक विद्यालय खेताबपुर जब पहुंचा तो विद्यालय ही बंद मिला अभिभावक ने आधे घंटे के इंतजार के बाद जब अध्यापक आए तो उनसे अपने बच्चों का नामांकन करने की बात कही वहीं अध्यापकों की अगर बात करें तो अध्यापक बेसिक शिक्षा अधिकारी हेमंत राव के नियमों को कहीं ना कहीं तक पर रखकर यह सब करना में कर रहे हैं।

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