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अवैध अस्पताल पर एसीएमओ ने की छापेमारी!.. 4 मरीज मिले जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ते हुवे,रजिस्ट्रेशन फ

अवैध अस्पताल पर एसीएमओ ने की छापेमारी!.. 4 मरीज मिले जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ते हुवे,रजिस्ट्रेशन फेल होने की जानकारी पूछने पर पत्रकार से ही भिड़ा अस्पताल कर्मी


किरण नाई वरिष्ठ पत्रकार


सैदपुर। ग़ाज़ीपुर के एडिशनल सीएमओ डॉ शिशिर ने सैदपुर के निजी अस्पतालों में छापेमारी की। इस दौरान उन्हें अस्पतालों का संचालन न सिर्फ अवैध मिला, बल्कि दो अस्पतालों में चिकित्सक नहीं मिले, जबकि दोनों अस्पतालों में 2-2 मरीजों का ऑपरेशन किया गया था और वो चारों मरीज दोनों अस्पतालों में भर्ती थे। एसीएमओ ने भितरी मोड़ स्थित यश हॉस्पिटल व न्यू बीएस हॉस्पिटल पर छापेमारी की। इस दौरान यश अस्पताल पर दो मरीजों के ऑपरेशन किए गए थे और वो वहां भर्ती थे। मौके पर चिकित्सक भी नहीं मिले। एसीएमओ ने कहा कि बिना चिकित्सक के ही ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिसके बाद वो बिफर उठे। जांच में पता चला कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी फेल हो गया है और अब तक रिन्युअल नहीं कराया गया है। जिस पर उन्होंने नाराजगी जताई। इस दौरान वहां मौजूद एक चैनल के पत्रकार ने वीडियोग्राफी शुरू की तो वहां मौजूद एक अस्पताल का कर्मी दबाव बनाने के लिए पत्रकार के काम का ही वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वहीं एक अखबार के पत्रकार ने जब रिन्यूअल के बाबत पूछा तो उसने एसीएमओ के सामने ही धमकाने के अंदाज में कहा कि अस्पताल का रिन्यूअल क्या होता है। जिस पर एसीएमओ को बीच बचाव करना पड़ा। वहां मौजूद लोग ये सुनकर हैरान रह गए कि अस्पताल प्रबंधन के कर्मी को ये तक नहीं पता कि अस्पताल के लाइसेंस का रिन्यूअल तक होता है। जिसके बाद खूब चर्चा होती रही। इस दौरान एसीएमओ बगल में स्थित न्यू बीएस अस्पताल में भी पहुंचे और वहां भी स्थिति यही मिली। चिकित्सक नहीं थे और ऑपरेशन किए गए दो मरीज वहां मौजूद नर्स आदि के भरोसे भर्ती मिले। लाइसेंस भी रिन्यूअल नहीं था। एक अन्य अस्पताल ग्लोबल हॉस्पीटल पर पहुंचे तो वहां न तो कोई मरीज मिला, न ही अस्पताल का लाइसेंस था। जिस पर एसीएमओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यहां मरीज मिला तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं यश अस्पताल व न्यू बीएस पर मिली लापरवाही हो लेकर कहा कि जल्द ही अस्पतालों को सीज किया जाएगा। बताया कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कहा कि बिना चिकित्सक के ऑपरेशन करके मरीजों की जान जोखिम में डाली जा रही है। इधर यश अस्पताल के प्रबंधन का हौसला इस कदर बुलंद रहा कि एसीएमओ के जाने के कुछ ही देर बाद फिर से एक अन्य मरीज का उसी अस्पताल में ऑपरेशन किया गया। जिसे देखकर हर कोई हैरान था। लोगों का कहना था कि अस्पताल को ऊपरी सांठगांठ से चलाया जा रहा है।

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